भारत सरकारसत्यापित जानकारी
अंतिम सत्यापन: 18 अक्टूबर 2026

मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) योजना

English: Soil Health Card Scheme • स्रोत संस्था: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार

योजना सेतु एक स्वतंत्र निजी सूचना पोर्टल है। यह कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है और न ही किसी सरकारी विभाग का प्रतिनिधित्व करता है। योजना की पात्रता, लाभ और आवेदन की पुष्टि संबंधित आधिकारिक विभाग से करें।

योजना का संक्षिप्त विवरण एवं मुख्य लाभ

मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) योजना उत्तर प्रदेश के किसानों को उनके खेतों की मिट्टी की उर्वरता और पोषक तत्वों की सटीक स्थिति जानने में मदद करती है। सरकारी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला द्वारा खेत की मिट्टी के 12 प्रमुख मापदंडों (नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, पीएच, सूक्ष्म पोषक तत्व) की निःशुल्क जांच की जाती है और प्रत्येक किसान को एक विस्तृत कार्ड प्रदान किया जाता है, जिसमें फसलवार अनुशंसित उर्वरकों की मात्रा बताई जाती है ताकि खाद की लागत घटे और उपज बढ़े।

आवेदन की स्थिति/अवधि: वर्ष भर खुला (बुवाई पूर्व सर्वोत्तम)

पात्रता की शर्तें (Eligibility Conditions)

  • न्यूनतम आयु: 18 वर्ष
  • राज्य निवास: Uttar Pradesh का मूल निवासी
विशिष्ट पात्रता कैलकुलेटर

क्या आप इस योजना के लिए संभावित रूप से पात्र हैं?

केवल इस योजना से संबंधित 3-4 प्रश्नों के उत्तर दें और तुरंत पारदर्शी परिणाम प्राप्त करें।

नियम: न्यूनतम 18 वर्ष
महत्वपूर्ण अपवाद व बहिष्करण (Exclusions)
  • •व्यावसायिक निर्माण या गैर-कृषि भूमि की मिट्टी की जांच इस योजना के अंतर्गत मान्य नहीं है।

आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)

आवेदन अथवा जन सेवा केंद्र जाने से पूर्व इन मूल दस्तावेज़ों की तैयारी रखें:

1. आधार कार्डEnglish: Aadhaar Card

किसान की पहचान हेतु।

अनिवार्य
2. खसरा / खतौनी संख्याEnglish: Khasra / Land Document

जिस खेत से मिट्टी का नमूना लिया गया है उसका खसरा नंबर।

अनिवार्य
3. सक्रिय मोबाइल नंबरEnglish: Active Mobile Number

परीक्षण परिणाम और कार्ड डाउनलोड लिंक प्राप्त करने हेतु।

अनिवार्य

आवेदन कैसे करें (How to Apply)

1

अपने ग्राम के कृषि प्रसार अधिकारी (Kisan Sahayak) से संपर्क करें या स्वयं अपने खेत से वैज्ञानिक विधि द्वारा मिट्टी का नमूना लें।

2

मिट्टी के नमूने को साफ थैली में भरकर उस पर अपना नाम, पता और खसरा नंबर लिखें।

3

निकटतम ब्लॉक स्तरीय कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या राजकीय मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में नमूना जमा करें।

4

प्रयोगशाला द्वारा जांच पूरी होने के उपरांत डिजिटल मृदा स्वास्थ्य कार्ड पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाता है।

5

पोर्टल (soilhealth.dac.gov.in) से अपना सॉइल हेल्थ कार्ड निःशुल्क डाउनलोड करें।

आवेदन स्थिति (Status) कैसे देखें

1

आधिकारिक पोर्टल (soilhealth.dac.gov.in) पर जाएं।

2

'Track Your Sample' विकल्प पर क्लिक करें और अपना राज्य (Uttar Pradesh), जिला व नमूना संख्या दर्ज करें।

3

स्क्रीन पर अपने नमूने की जांच स्थिति और रिपोर्ट देखें।

आधिकारिक लिंक एवं हेल्पलाइन

सत्यापित सरकारी पोर्टल एवं विभागीय संपर्क विवरण

हेल्पलाइन: 011-24305591 / 1800-180-1551 (किसान कॉल सेंटर)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1.सॉइल हेल्थ कार्ड कितने समय के लिए मान्य होता है?

एक बार जारी किया गया मृदा स्वास्थ्य कार्ड 3 वर्षों की अवधि के लिए मान्य होता है, जिसके बाद पुनः जांच कराई जा सकती है।

Q2.क्या मृदा परीक्षण के लिए कोई सरकारी शुल्क देना होता है?

नहीं, सरकारी कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्रों द्वारा मिट्टी की जांच पूर्णतः निःशुल्क की जाती है।

Q3.इस कार्ड से किसानों को क्या मुख्य लाभ मिलता है?

कार्ड में यह स्पष्ट लिखा होता है कि आपकी मिट्टी में किस पोषक तत्व की कमी है, जिससे किसान आवश्यकतानुसार ही खाद डालते हैं और यूरिया/डीएपी के अनावश्यक खर्च में 20-30% की बचत होती है।

संबंधित सरकारी योजनाएं

सभी योजनाएं

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत उत्तर प्रदेश के किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, सूखा, बाढ़, कीट रोग और बेमौसम बारिश से फसलों के नुकसान पर वित्तीय सुरक्षा और बीमा क्लेम प्रदान किया जाता है। इसके तहत खरीफ फसलों के लिए किसान को केवल 2%, रबी फसलों के लिए 1.5% और वाणिज्यिक/बागवानी फसलों के लिए मात्र 5% प्रीमियम देना होता है, जबकि शेष प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकार वहन करती हैं।

विवरण व पात्रता देखें

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN)

प्रति वर्ष ₹6,000 की प्रत्यक्ष नकद सहायता (प्रत्येक 4 माह में ₹2,000 की 3 समान किस्तें डीबीटी के माध्यम से)।

विवरण व पात्रता देखें

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के किसानों, पशुपालकों एवं मत्स्य पालकों को कृषि कार्यों, खाद-बीज और उपकरणों की खरीद हेतु रियायती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को मात्र 4% की वार्षिक प्रभावी ब्याज दर पर ₹3 लाख तक का अल्पकालिक कृषि ऋण दिया जाता है। इसके अलावा ₹1.60 लाख तक का ऋण बिना किसी बंधक (कोलेटरल) के मिलता है।

विवरण व पात्रता देखें

प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY)

प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY) उत्तर प्रदेश के छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक स्वैच्छिक एवं अंशदायी पेंशन योजना है। इसके अंतर्गत 18 से 40 वर्ष की आयु में शामिल होने वाले किसानों को 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर ₹3,000 प्रति माह (₹36,000 वार्षिक) की निश्चित आजीवन पेंशन प्रदान की जाती है। जितना मासिक अंशदान (₹55 से ₹200) किसान देता है, उतनी ही राशि केंद्र सरकार द्वारा उसके खाते में जमा की जाती है।

विवरण व पात्रता देखें

प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM-KUSUM Solar Pump)

प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के किसानों को खेतों में सिंचाई हेतु 2 HP से 10 HP तक के स्टैंडअलोन सोलर पंप लगाने पर भारी सब्सिडी दी जाती है। इस योजना में कुल लागत का 60% केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अनुदान के रूप में वहन किया जाता है, 30% बैंक ऋण मिलता है और किसान को केवल 10% अंशदान देना होता है। इससे डीजल और बिजली बिल की निर्भरता समाप्त होती है।

विवरण व पात्रता देखें