प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM-KUSUM Solar Pump)
English: PM KUSUM Solar Pump Scheme • स्रोत संस्था: नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) व UPNEDA
योजना सेतु एक स्वतंत्र निजी सूचना पोर्टल है। यह कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है और न ही किसी सरकारी विभाग का प्रतिनिधित्व करता है। योजना की पात्रता, लाभ और आवेदन की पुष्टि संबंधित आधिकारिक विभाग से करें।
योजना का संक्षिप्त विवरण एवं मुख्य लाभ
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के किसानों को खेतों में सिंचाई हेतु 2 HP से 10 HP तक के स्टैंडअलोन सोलर पंप लगाने पर भारी सब्सिडी दी जाती है। इस योजना में कुल लागत का 60% केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अनुदान के रूप में वहन किया जाता है, 30% बैंक ऋण मिलता है और किसान को केवल 10% अंशदान देना होता है। इससे डीजल और बिजली बिल की निर्भरता समाप्त होती है।
आवेदन की स्थिति/अवधि: समय-समय पर टोकन आवंटन चक्र (कृषि विभाग द्वारा विज्ञापित)
पात्रता की शर्तें (Eligibility Conditions)
- न्यूनतम आयु: 18 वर्ष
- राज्य निवास: Uttar Pradesh का मूल निवासी
- आवेदक के नाम कृषि भूमि (खतौनी) होना अनिवार्य है।
क्या आप इस योजना के लिए संभावित रूप से पात्र हैं?
केवल इस योजना से संबंधित 3-4 प्रश्नों के उत्तर दें और तुरंत पारदर्शी परिणाम प्राप्त करें।
- •जिन किसानों के खेत पर पहले से विद्युत चालित नलकूप कनेक्शन है, उन्हें सामान्यतः प्राथमिकता नहीं मिलती (सोलर ग्रिड कंपोनेंट छोड़कर)।
- •कृषि भूमि का स्वामित्व न होने पर सोलर पंप स्वीकृत नहीं होता।
आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)
आवेदन अथवा जन सेवा केंद्र जाने से पूर्व इन मूल दस्तावेज़ों की तैयारी रखें:
किसान का आधार कार्ड।
कृषि भूमि की अद्यतन खतौनी।
आधार से लिंक बैंक खाते का विवरण।
खेत में बोरिंग उपलब्ध होने की पुष्टि।
आवेदन कैसे करें (How to Apply)
उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के पोर्टल (upagriculture.com) पर सोलर पंप हेतु ऑनलाइन टोकन व्यवस्था के तहत पंजीकरण करें।
अपने जिले और पंप की क्षमता (2 HP, 3 HP, 5 HP, 7.5 HP) का चयन करें।
आवश्यक किसान अंशदान का बैंक ड्राफ्ट या ऑनलाइन चालान जमा करें।
कृषि विभाग एवं यूपीनेडा (UPNEDA) की टीम द्वारा खेत में बोरिंग और स्थल का भौतिक सत्यापन किया जाता है।
सत्यापन के बाद अधिकृत सोलर कंपनी द्वारा खेत में सोलर पंप और पैनल स्थापित कर दिए जाते हैं।
आवेदन स्थिति (Status) कैसे देखें
upagriculture.com पर जाएं और 'सोलर पंप टोकन स्थिति' पर क्लिक करें।
अपना पंजीकरण नंबर अथवा कृषक आईडी दर्ज कर टोकन व स्थापना की प्रगति जांचें।
आधिकारिक लिंक एवं हेल्पलाइन
सत्यापित सरकारी पोर्टल एवं विभागीय संपर्क विवरण
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1.सोलर पंप पर कितनी सरकारी सब्सिडी मिलती है?
कुल लागत पर 60% तक की भारी सब्सिडी दी जाती है (30% केंद्र सरकार और 30% उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा)। किसान को केवल 10% से 40% तक का अंशदान करना होता है।
Q2.सोलर पंप के साथ क्या वारंटी मिलती है?
सोलर पैनल पर 25 वर्ष की परफॉर्मेंस वारंटी और पूरे पंपिंग सिस्टम पर 5 वर्ष की व्यापक रखरखाव (Comprehensive Maintenance) वारंटी प्रदान की जाती है।
Q3.क्या अतिरिक्त बिजली को ग्रिड को बेचकर कमाई भी की जा सकती है?
हाँ, योजना के कंपोनेंट-C (ग्रिड कनेक्टेड सोलर पंप) के तहत किसान सिंचाई के बाद बची बिजली बिजली निगम को बेचकर अतिरिक्त आय कमा सकते हैं।
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