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अंतिम सत्यापन: 18 अक्टूबर 2026

प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM-KUSUM Solar Pump)

English: PM KUSUM Solar Pump Scheme • स्रोत संस्था: नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) व UPNEDA

योजना सेतु एक स्वतंत्र निजी सूचना पोर्टल है। यह कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है और न ही किसी सरकारी विभाग का प्रतिनिधित्व करता है। योजना की पात्रता, लाभ और आवेदन की पुष्टि संबंधित आधिकारिक विभाग से करें।

योजना का संक्षिप्त विवरण एवं मुख्य लाभ

प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के किसानों को खेतों में सिंचाई हेतु 2 HP से 10 HP तक के स्टैंडअलोन सोलर पंप लगाने पर भारी सब्सिडी दी जाती है। इस योजना में कुल लागत का 60% केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अनुदान के रूप में वहन किया जाता है, 30% बैंक ऋण मिलता है और किसान को केवल 10% अंशदान देना होता है। इससे डीजल और बिजली बिल की निर्भरता समाप्त होती है।

आवेदन की स्थिति/अवधि: समय-समय पर टोकन आवंटन चक्र (कृषि विभाग द्वारा विज्ञापित)

पात्रता की शर्तें (Eligibility Conditions)

  • न्यूनतम आयु: 18 वर्ष
  • राज्य निवास: Uttar Pradesh का मूल निवासी
  • आवेदक के नाम कृषि भूमि (खतौनी) होना अनिवार्य है।
विशिष्ट पात्रता कैलकुलेटर

क्या आप इस योजना के लिए संभावित रूप से पात्र हैं?

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नियम: न्यूनतम 18 वर्ष
महत्वपूर्ण अपवाद व बहिष्करण (Exclusions)
  • •जिन किसानों के खेत पर पहले से विद्युत चालित नलकूप कनेक्शन है, उन्हें सामान्यतः प्राथमिकता नहीं मिलती (सोलर ग्रिड कंपोनेंट छोड़कर)।
  • •कृषि भूमि का स्वामित्व न होने पर सोलर पंप स्वीकृत नहीं होता।

आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)

आवेदन अथवा जन सेवा केंद्र जाने से पूर्व इन मूल दस्तावेज़ों की तैयारी रखें:

1. आधार कार्डEnglish: Aadhaar Card

किसान का आधार कार्ड।

अनिवार्य
2. खतौनी / भू-स्वामित्व प्रमाण पत्रEnglish: Land Revenue Record

कृषि भूमि की अद्यतन खतौनी।

अनिवार्य
3. बैंक पासबुकEnglish: Bank Passbook

आधार से लिंक बैंक खाते का विवरण।

अनिवार्य
4. बोरिंग प्रमाण पत्रEnglish: Boring Availability Certificate

खेत में बोरिंग उपलब्ध होने की पुष्टि।

अनिवार्य

आवेदन कैसे करें (How to Apply)

1

उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के पोर्टल (upagriculture.com) पर सोलर पंप हेतु ऑनलाइन टोकन व्यवस्था के तहत पंजीकरण करें।

2

अपने जिले और पंप की क्षमता (2 HP, 3 HP, 5 HP, 7.5 HP) का चयन करें।

3

आवश्यक किसान अंशदान का बैंक ड्राफ्ट या ऑनलाइन चालान जमा करें।

4

कृषि विभाग एवं यूपीनेडा (UPNEDA) की टीम द्वारा खेत में बोरिंग और स्थल का भौतिक सत्यापन किया जाता है।

5

सत्यापन के बाद अधिकृत सोलर कंपनी द्वारा खेत में सोलर पंप और पैनल स्थापित कर दिए जाते हैं।

आवेदन स्थिति (Status) कैसे देखें

1

upagriculture.com पर जाएं और 'सोलर पंप टोकन स्थिति' पर क्लिक करें।

2

अपना पंजीकरण नंबर अथवा कृषक आईडी दर्ज कर टोकन व स्थापना की प्रगति जांचें।

आधिकारिक लिंक एवं हेल्पलाइन

सत्यापित सरकारी पोर्टल एवं विभागीय संपर्क विवरण

हेल्पलाइन: 0522-2204523 (UPNEDA) / 1800-180-3333 (नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1.सोलर पंप पर कितनी सरकारी सब्सिडी मिलती है?

कुल लागत पर 60% तक की भारी सब्सिडी दी जाती है (30% केंद्र सरकार और 30% उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा)। किसान को केवल 10% से 40% तक का अंशदान करना होता है।

Q2.सोलर पंप के साथ क्या वारंटी मिलती है?

सोलर पैनल पर 25 वर्ष की परफॉर्मेंस वारंटी और पूरे पंपिंग सिस्टम पर 5 वर्ष की व्यापक रखरखाव (Comprehensive Maintenance) वारंटी प्रदान की जाती है।

Q3.क्या अतिरिक्त बिजली को ग्रिड को बेचकर कमाई भी की जा सकती है?

हाँ, योजना के कंपोनेंट-C (ग्रिड कनेक्टेड सोलर पंप) के तहत किसान सिंचाई के बाद बची बिजली बिजली निगम को बेचकर अतिरिक्त आय कमा सकते हैं।

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किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के किसानों, पशुपालकों एवं मत्स्य पालकों को कृषि कार्यों, खाद-बीज और उपकरणों की खरीद हेतु रियायती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को मात्र 4% की वार्षिक प्रभावी ब्याज दर पर ₹3 लाख तक का अल्पकालिक कृषि ऋण दिया जाता है। इसके अलावा ₹1.60 लाख तक का ऋण बिना किसी बंधक (कोलेटरल) के मिलता है।

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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN)

प्रति वर्ष ₹6,000 की प्रत्यक्ष नकद सहायता (प्रत्येक 4 माह में ₹2,000 की 3 समान किस्तें डीबीटी के माध्यम से)।

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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत उत्तर प्रदेश के किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, सूखा, बाढ़, कीट रोग और बेमौसम बारिश से फसलों के नुकसान पर वित्तीय सुरक्षा और बीमा क्लेम प्रदान किया जाता है। इसके तहत खरीफ फसलों के लिए किसान को केवल 2%, रबी फसलों के लिए 1.5% और वाणिज्यिक/बागवानी फसलों के लिए मात्र 5% प्रीमियम देना होता है, जबकि शेष प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकार वहन करती हैं।

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मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) योजना

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