उत्तर प्रदेश शासनसत्यापित जानकारी
अंतिम सत्यापन: 18 अक्टूबर 2026

एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) मार्जिन मनी योजना (UP)

English: UP ODOP Margin Money Scheme • स्रोत संस्था: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन

योजना सेतु एक स्वतंत्र निजी सूचना पोर्टल है। यह कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है और न ही किसी सरकारी विभाग का प्रतिनिधित्व करता है। योजना की पात्रता, लाभ और आवेदन की पुष्टि संबंधित आधिकारिक विभाग से करें।

योजना का संक्षिप्त विवरण एवं मुख्य लाभ

उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'एक जनपद एक उत्पाद' (ODOP) मार्जिन मनी योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी 75 जिलों के विशिष्ट पारंपरिक उत्पादों (जैसे भदोही की कालीन, मुरादाबाद का पीतल, अलीगढ़ के ताले, कन्नौज का इत्र, वाराणसी की रेशमी साड़ी आदि) से जुड़े नए उद्योग लगाने या मौजूदा इकाई के विस्तार हेतु वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके तहत ₹25 लाख तक की परियोजना लागत पर 25% (अधिकतम ₹6.25 लाख), ₹25 लाख से ₹50 लाख पर 20%, और ₹50 लाख से अधिक पर 10% (अधिकतम ₹20,00,000) तक की सीधी मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की जाती है।

आवेदन की स्थिति/अवधि: वर्ष भर खुला

पात्रता की शर्तें (Eligibility Conditions)

  • न्यूनतम आयु: 18 वर्ष
  • राज्य निवास: Uttar Pradesh का मूल निवासी
विशिष्ट पात्रता कैलकुलेटर

क्या आप इस योजना के लिए संभावित रूप से पात्र हैं?

केवल इस योजना से संबंधित 3-4 प्रश्नों के उत्तर दें और तुरंत पारदर्शी परिणाम प्राप्त करें।

नियम: न्यूनतम 18 वर्ष
महत्वपूर्ण अपवाद व बहिष्करण (Exclusions)
  • •यदि प्रस्तावित उद्योग संबंधित जिले के अधिसूचित ODOP उत्पाद से संबंधित नहीं है, तो मार्जिन मनी सहायता नहीं मिलेगी।
  • •आवेदक पूर्व में किसी अन्य सरकारी योजना (PMEGP, CMEGP) के तहत मार्जिन मनी प्राप्त कर चुका हो और ऋण बकाया हो, तो पात्र नहीं होगा।

आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)

आवेदन अथवा जन सेवा केंद्र जाने से पूर्व इन मूल दस्तावेज़ों की तैयारी रखें:

1. आधार कार्ड एवं पैन कार्डEnglish: Aadhaar Card and PAN Card

उद्यमी की पहचान और पते के प्रमाण हेतु।

अनिवार्य
2. उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण पत्रEnglish: UP Domicile Certificate

संबंधित जनपद का मूल निवासी होने का प्रमाण।

अनिवार्य
3. विस्तृत परियोजना आख्या (DPR)English: Detailed Project Report (DPR)

मशीनरी, शेड, कार्यशील पूंजी और लागत का चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा प्रमाणित विवरण।

अनिवार्य
4. शैक्षणिक प्रमाण पत्र (न्यूनतम 8वीं पास)English: Educational Certificate (Min 8th Pass)

शैक्षणिक योग्यता की अंकतालिका।

अनिवार्य

आवेदन कैसे करें (How to Apply)

1

उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय उत्तर प्रदेश के पोर्टल (diupmsme.upsdc.gov.in) पर जाएं।

2

'एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) सहायता योजना' पर क्लिक कर नवीन ऑनलाइन पंजीकरण करें।

3

अपने जिले के अधिसूचित ODOP उत्पाद का चयन करें और परियोजना का प्रकार (नया उद्योग या विस्तार) चुनें।

4

परियोजना लागत, बैंक शाखा का विवरण और DPR दस्तावेज अपलोड करें।

5

जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति (DLTFC) द्वारा साक्षात्कार व मूल्यांकन के बाद आवेदन अग्रणी बैंक को भेजा जाता है।

6

बैंक से ऋण संवितरण होते ही मार्जिन मनी सब्सिडी बैंक में सावधि जमा (TDR) के रूप में प्राप्त हो जाती है।

आवेदन स्थिति (Status) कैसे देखें

1

diupmsme.upsdc.gov.in पोर्टल पर जाएं।

2

'आवेदन की स्थिति' पर क्लिक कर अपना आवेदन संदर्भ नंबर (Application Reference Number) दर्ज करें और बैंक व जिला उद्योग केंद्र की स्वीकृति स्थिति देखें।

आधिकारिक लिंक एवं हेल्पलाइन

सत्यापित सरकारी पोर्टल एवं विभागीय संपर्क विवरण

हेल्पलाइन: 0512-2218401 (उद्योग निदेशालय कानपुर) / जिला उद्योग केंद्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1.ODOP मार्जिन मनी योजना में अधिकतम कितनी सरकारी सब्सिडी मिलती है?

परियोजना लागत के आधार पर अधिकतम ₹20,00,000 (बीस लाख रुपये) तक की मार्जिन मनी सब्सिडी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान की जाती है।

Q2.क्या केवल नए कारखाने के लिए ही यह लाभ मिलता है?

नहीं, नई विनिर्माण/सेवा इकाई स्थापित करने के साथ-साथ पहले से चल रहे ODOP व्यवसाय के आधुनिकीकरण एवं विस्तार के लिए भी यह सब्सिडी मिलती है।

Q3.सब्सिडी किस प्रकार समायोजित (Adjust) होती है?

ऋण संवितरण के बाद मार्जिन मनी राशि बैंक में 2 वर्ष के लिए लाभार्थी के नाम टीसीआर (TDR) खाते में रखी जाती है। इकाई के दो वर्ष तक सफल संचालन के बाद यह ऋण में समायोजित हो जाती है।

संबंधित सरकारी योजनाएं

सभी योजनाएं

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP ऋण व सब्सिडी)

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) तथा KVIC द्वारा संचालित एक प्रमुख क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी कार्यक्रम है। इसके तहत विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing) में नई इकाई लगाने हेतु ₹50,00,000 (पचास लाख रुपये) तक और सेवा क्षेत्र (Service Sector) में ₹20,00,000 (बीस लाख रुपये) तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाता है। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों के विशेष श्रेणी (महिला, एससी, एसटी, ओबीसी, दिव्यांग, अल्पसंख्यक) लाभार्थियों को परियोजना लागत पर 35% तक की भारी सरकारी सब्सिडी (मार्जिन मनी) दी जाती है।

विवरण व पात्रता देखें

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना (उत्तर प्रदेश)

उत्तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग द्वारा संचालित 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना' राज्य के पारंपरिक कारीगरों व दस्तकारों (जैसे बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, सुनार, राजमिस्त्री, नाई, मोची, टोकरी बुनकर) को सशक्त बनाने की योजना है। इसके अंतर्गत 6 दिवसीय निःशुल्क आवासीय/गैर-आवासीय आधुनिक कौशल प्रशिक्षण, प्रशिक्षण के दौरान निर्धारित दैनिक भत्ता, तथा प्रशिक्षण उपरांत उन्नत व आधुनिक टूलकिट (औजार किट) पूर्णतः निःशुल्क प्रदान की जाती है। साथ ही बैंक से रियायती ऋण में सहायता दी जाती है।

विवरण व पात्रता देखें

पीएम विश्वकर्मा योजना (कारीगर व शिल्पकार)

पीएम विश्वकर्मा योजना भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश सहित देशभर के 18 पारंपरिक शिल्पों व व्यवसायों (जैसे बढ़ई, लोहार, कुम्हार, राजमिस्त्री, दर्जी, मोची, नाई, धोबी आदि) में लगे कारीगरों और शिल्पकारों को आत्मनिर्भर बनाने की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत पात्र कारीगरों को पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र व आईडी कार्ड, ₹500 प्रतिदिन स्टाइपेंड के साथ 5-7 दिवसीय बुनियादी कौशल प्रशिक्षण, ₹15,000 का आधुनिक टूलकिट ई-वाउचर अनुदान, तथा मात्र 5% की रियायती ब्याज दर पर बिना किसी गारंटी के ₹3,00,000 (प्रथम चरण ₹1 लाख, द्वितीय चरण ₹2 लाख) तक का आसान कोलेटरल-फ्री ऋण उपलब्ध कराया जाता है।

विवरण व पात्रता देखें

ई-श्रम कार्ड (e-Shram Portal) योजना

ई-श्रम (e-Shram) कार्ड भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा असंगठित क्षेत्र के कामगारों का एक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करने की पहल है। उत्तर प्रदेश के सभी पात्र श्रमिकों को पंजीकरण के उपरांत 12 अंकों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) युक्त ई-श्रम कार्ड निःशुल्क जारी किया जाता है। इसके माध्यम से आपदाओं में प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता (DBT), सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और दुर्घटना बीमा का सीधा लाभ मिलता है।

विवरण व पात्रता देखें

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY Loan)

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) उत्तर प्रदेश के गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि लघु एवं सूक्ष्म उद्यमियों, दुकानदारों, व्यापारियों और विनिर्माण इकाइयों को स्वरोजगार व व्यवसाय विस्तार हेतु बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे (Collateral-Free Loan) ऋण उपलब्ध कराती है। इसके तहत तीन श्रेणियों में ऋण दिया जाता है: 'शिशु' (₹50,000 तक), 'किशोर' (₹50,000 से ₹5 लाख तक), और 'तरुण' (₹5 लाख से ₹10 लाख तथा हालिया विस्तार के तहत ₹20 लाख तक)। ऋण पर कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं ली जाती।

विवरण व पात्रता देखें