उत्तर प्रदेश शासनसत्यापित जानकारी
अंतिम सत्यापन: 18 अक्टूबर 2026

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना (उत्तर प्रदेश)

English: UP Vishwakarma Shram Samman Yojana • स्रोत संस्था: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन

योजना सेतु एक स्वतंत्र निजी सूचना पोर्टल है। यह कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है और न ही किसी सरकारी विभाग का प्रतिनिधित्व करता है। योजना की पात्रता, लाभ और आवेदन की पुष्टि संबंधित आधिकारिक विभाग से करें।

योजना का संक्षिप्त विवरण एवं मुख्य लाभ

उत्तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग द्वारा संचालित 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना' राज्य के पारंपरिक कारीगरों व दस्तकारों (जैसे बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, सुनार, राजमिस्त्री, नाई, मोची, टोकरी बुनकर) को सशक्त बनाने की योजना है। इसके अंतर्गत 6 दिवसीय निःशुल्क आवासीय/गैर-आवासीय आधुनिक कौशल प्रशिक्षण, प्रशिक्षण के दौरान निर्धारित दैनिक भत्ता, तथा प्रशिक्षण उपरांत उन्नत व आधुनिक टूलकिट (औजार किट) पूर्णतः निःशुल्क प्रदान की जाती है। साथ ही बैंक से रियायती ऋण में सहायता दी जाती है।

आवेदन की स्थिति/अवधि: वर्ष भर खुला (जनपदवार लक्ष्य अनुसार)

पात्रता की शर्तें (Eligibility Conditions)

  • न्यूनतम आयु: 18 वर्ष
  • राज्य निवास: Uttar Pradesh का मूल निवासी
विशिष्ट पात्रता कैलकुलेटर

क्या आप इस योजना के लिए संभावित रूप से पात्र हैं?

केवल इस योजना से संबंधित 3-4 प्रश्नों के उत्तर दें और तुरंत पारदर्शी परिणाम प्राप्त करें।

नियम: न्यूनतम 18 वर्ष
महत्वपूर्ण अपवाद व बहिष्करण (Exclusions)
  • •उत्तर प्रदेश का मूल निवासी न होने पर आवेदन अमान्य होता है।
  • •परिवार में किसी सदस्य के सरकारी सेवा में होने पर लाभ नहीं मिलता।
  • •गत 2 वर्षों में केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य योजना से समान टूलकिट प्राप्त कर चुके कारीगर पात्र नहीं हैं।

आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)

आवेदन अथवा जन सेवा केंद्र जाने से पूर्व इन मूल दस्तावेज़ों की तैयारी रखें:

1. आधार कार्डEnglish: Aadhaar Card

निवास एवं पहचान सत्यापन हेतु।

अनिवार्य
2. उत्तर प्रदेश निवास प्रमाण पत्रEnglish: UP Domicile Certificate

तहसीलदार द्वारा जारी या आधार पता।

अनिवार्य
3. बैंक खाता पासबुकEnglish: Bank Passbook

भत्ता एवं वित्तीय लाभ सीधे खाते में प्राप्त करने हेतु।

अनिवार्य
4. जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)English: Caste Certificate

आरक्षित श्रेणियों के सत्यापन हेतु।

वैकल्पिक

आवेदन कैसे करें (How to Apply)

1

उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय उत्तर प्रदेश के आधिकारिक पोर्टल (diupmsme.upsdc.gov.in) पर जाएं।

2

'विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना' लिंक पर क्लिक करें और 'नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण' करें।

3

अपना नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल और जनपद का चयन करें।

4

पंजीकृत क्रेडेंशियल से लॉगिन कर अपना पारंपरिक शिल्प (जैसे दर्जी, बढ़ई, नाई आदि) चुनें।

5

आधार कार्ड, बैंक पासबुक और फोटो अपलोड कर आवेदन सबमिट करें।

6

जिला उद्योग केंद्र (DIC) द्वारा साक्षात्कार व चयन के बाद 6 दिवसीय प्रशिक्षण और निःशुल्क टूलकिट वितरित की जाती है।

आवेदन स्थिति (Status) कैसे देखें

1

diupmsme.upsdc.gov.in पोर्टल पर जाएं।

2

'आवेदन की स्थिति' (Track Application) पर क्लिक करें और अपना संदर्भ संख्या (Reference Number) दर्ज कर स्थिति देखें।

आधिकारिक लिंक एवं हेल्पलाइन

सत्यापित सरकारी पोर्टल एवं विभागीय संपर्क विवरण

हेल्पलाइन: 0512-2218401 / जिला उद्योग केंद्र (DIC) नोडल अधिकारी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1.क्या टूलकिट के लिए कोई शुल्क देना होता है?

नहीं, 6 दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर उच्च गुणवत्ता वाली आधुनिक टूलकिट उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 100% निःशुल्क प्रदान की जाती है।

Q2.योजना के तहत कौन-कौन से दस्तकार आवेदन कर सकते हैं?

उत्तर प्रदेश के बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनकर, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार, हलवाई, मोची और राजमिस्त्री इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।

Q3.क्या प्रशिक्षण के दौरान कोई पैसा (स्टाइपेंड) भी मिलता है?

हाँ, प्रशिक्षण के दौरान निर्धारित दैनिक भत्ता और प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है।

संबंधित सरकारी योजनाएं

सभी योजनाएं

पीएम विश्वकर्मा योजना (कारीगर व शिल्पकार)

पीएम विश्वकर्मा योजना भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश सहित देशभर के 18 पारंपरिक शिल्पों व व्यवसायों (जैसे बढ़ई, लोहार, कुम्हार, राजमिस्त्री, दर्जी, मोची, नाई, धोबी आदि) में लगे कारीगरों और शिल्पकारों को आत्मनिर्भर बनाने की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत पात्र कारीगरों को पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र व आईडी कार्ड, ₹500 प्रतिदिन स्टाइपेंड के साथ 5-7 दिवसीय बुनियादी कौशल प्रशिक्षण, ₹15,000 का आधुनिक टूलकिट ई-वाउचर अनुदान, तथा मात्र 5% की रियायती ब्याज दर पर बिना किसी गारंटी के ₹3,00,000 (प्रथम चरण ₹1 लाख, द्वितीय चरण ₹2 लाख) तक का आसान कोलेटरल-फ्री ऋण उपलब्ध कराया जाता है।

विवरण व पात्रता देखें

एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) मार्जिन मनी योजना (UP)

उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'एक जनपद एक उत्पाद' (ODOP) मार्जिन मनी योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी 75 जिलों के विशिष्ट पारंपरिक उत्पादों (जैसे भदोही की कालीन, मुरादाबाद का पीतल, अलीगढ़ के ताले, कन्नौज का इत्र, वाराणसी की रेशमी साड़ी आदि) से जुड़े नए उद्योग लगाने या मौजूदा इकाई के विस्तार हेतु वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके तहत ₹25 लाख तक की परियोजना लागत पर 25% (अधिकतम ₹6.25 लाख), ₹25 लाख से ₹50 लाख पर 20%, और ₹50 लाख से अधिक पर 10% (अधिकतम ₹20,00,000) तक की सीधी मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की जाती है।

विवरण व पात्रता देखें

ई-श्रम कार्ड (e-Shram Portal) योजना

ई-श्रम (e-Shram) कार्ड भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा असंगठित क्षेत्र के कामगारों का एक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करने की पहल है। उत्तर प्रदेश के सभी पात्र श्रमिकों को पंजीकरण के उपरांत 12 अंकों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) युक्त ई-श्रम कार्ड निःशुल्क जारी किया जाता है। इसके माध्यम से आपदाओं में प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता (DBT), सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और दुर्घटना बीमा का सीधा लाभ मिलता है।

विवरण व पात्रता देखें

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY Loan)

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) उत्तर प्रदेश के गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि लघु एवं सूक्ष्म उद्यमियों, दुकानदारों, व्यापारियों और विनिर्माण इकाइयों को स्वरोजगार व व्यवसाय विस्तार हेतु बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे (Collateral-Free Loan) ऋण उपलब्ध कराती है। इसके तहत तीन श्रेणियों में ऋण दिया जाता है: 'शिशु' (₹50,000 तक), 'किशोर' (₹50,000 से ₹5 लाख तक), और 'तरुण' (₹5 लाख से ₹10 लाख तथा हालिया विस्तार के तहत ₹20 लाख तक)। ऋण पर कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं ली जाती।

विवरण व पात्रता देखें

पीएम स्वनिधि योजना (रेहड़ी-पटरी विक्रेता ऋण)

पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) योजना आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा उत्तर प्रदेश के शहरी व अर्ध-शहरी रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं (स्ट्रीट वेंडर्स, ठेले वाले, खोमचे वाले) को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई है। इसके अंतर्गत बिना किसी गारंटी (कोलेटरल) के पहले चरण में ₹10,000, समय पर चुकाने पर दूसरे चरण में ₹20,000 और तीसरे चरण में ₹50,000 तक का सस्ता बैंक ऋण दिया जाता है। नियमित भुगतान पर 7% की वार्षिक ब्याज सब्सिडी और डिजिटल लेनदेन करने पर ₹1,200 तक का वार्षिक कैशबैक मिलता है।

विवरण व पात्रता देखें