प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP ऋण व सब्सिडी)
English: Prime Minister Employment Generation Programme • स्रोत संस्था: खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) एवं एमएसएमई मंत्रालय
योजना सेतु एक स्वतंत्र निजी सूचना पोर्टल है। यह कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है और न ही किसी सरकारी विभाग का प्रतिनिधित्व करता है। योजना की पात्रता, लाभ और आवेदन की पुष्टि संबंधित आधिकारिक विभाग से करें।
योजना का संक्षिप्त विवरण एवं मुख्य लाभ
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) तथा KVIC द्वारा संचालित एक प्रमुख क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी कार्यक्रम है। इसके तहत विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing) में नई इकाई लगाने हेतु ₹50,00,000 (पचास लाख रुपये) तक और सेवा क्षेत्र (Service Sector) में ₹20,00,000 (बीस लाख रुपये) तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाता है। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों के विशेष श्रेणी (महिला, एससी, एसटी, ओबीसी, दिव्यांग, अल्पसंख्यक) लाभार्थियों को परियोजना लागत पर 35% तक की भारी सरकारी सब्सिडी (मार्जिन मनी) दी जाती है।
आवेदन की स्थिति/अवधि: वर्ष भर खुला
पात्रता की शर्तें (Eligibility Conditions)
- न्यूनतम आयु: 18 वर्ष
- राज्य निवास: Uttar Pradesh का मूल निवासी
क्या आप इस योजना के लिए संभावित रूप से पात्र हैं?
केवल इस योजना से संबंधित 3-4 प्रश्नों के उत्तर दें और तुरंत पारदर्शी परिणाम प्राप्त करें।
- •मांसाहारी खाद्य प्रसंस्करण, बीड़ी/शराब उत्पादन, प्रदूषणकारी इकाइयां या 20 माइक्रोन से कम की पॉलीथिन निर्माण जैसी निषिद्ध गतिविधियों को वित्तीय सहायता नहीं मिलती।
- •यदि आवेदक ने पूर्व में किसी अन्य सरकारी योजना (PMRY, REGP) के तहत सब्सिडी ली है, तो वह नई इकाई के लिए पात्र नहीं है।
आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)
आवेदन अथवा जन सेवा केंद्र जाने से पूर्व इन मूल दस्तावेज़ों की तैयारी रखें:
उद्यमी की पहचान हेतु।
35% सब्सिडी पात्रता के सत्यापन हेतु।
विनिर्माण में ₹10 लाख व सेवा में ₹5 लाख से अधिक परियोजना हेतु 8वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य।
मशीनरी, कच्चा माल और कार्यशील पूंजी का विस्तृत ब्योरा।
आवेदन कैसे करें (How to Apply)
खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के आधिकारिक PMEGP ई-पोर्टल (kviconline.gov.in/pmegpeportal) पर जाएं।
'Application for New Unit' पर क्लिक करें और अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज कर ई-सत्यापन करें।
अपनी व्यक्तिगत जानकारी, एजेंसी (KVIC / KVIB / DIC), प्रस्तावित व्यवसाय और बैंक शाखा का चयन करें।
परियोजना रिपोर्ट (DPR), जाति प्रमाण पत्र और शैक्षणिक दस्तावेज अपलोड करें।
जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति (DLTFC) द्वारा आवेदन की समीक्षा के बाद उसे चयनित बैंक को भेजा जाता है।
बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत होने और 10 दिवसीय EDP उद्यमिता प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सब्सिडी राशि (मार्जिन मनी) बैंक खाते में लॉक-इन (TDR) के रूप में जमा हो जाती है।
आवेदन स्थिति (Status) कैसे देखें
kviconline.gov.in/pmegpeportal पर जाएं और 'Login for Registered Applicant' पर क्लिक करें।
अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड दर्ज करके अपने आवेदन, टास्क फोर्स समिति और बैंक अनुमोदन की वर्तमान स्थिति ट्रैक करें।
आधिकारिक लिंक एवं हेल्पलाइन
सत्यापित सरकारी पोर्टल एवं विभागीय संपर्क विवरण
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1.ग्रामीण क्षेत्र में PMEGP के तहत कितनी सब्सिडी मिलती है?
ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष श्रेणी (महिला, SC, ST, OBC, दिव्यांग, पूर्व सैनिक) के लाभार्थियों को कुल परियोजना लागत पर 35% तथा सामान्य वर्ग को 25% तक की सीधी सरकारी सब्सिडी मिलती है।
Q2.लाभार्थी को अपनी जेब से कितना पैसा (Own Contribution) लगाना होता है?
विशेष श्रेणी के आवेदकों को परियोजना लागत का केवल 5% और सामान्य वर्ग के आवेदकों को 10% स्वयं का अंशदान लगाना होता है। बाकी 90-95% बैंक ऋण व सब्सिडी से पूरा होता है।
Q3.सब्सिडी कितने समय बाद पूरी तरह माफ (Adjust) होती है?
सरकारी सब्सिडी (मार्जिन मनी) बैंक में 3 वर्षों के लिए सावधि जमा (TDR) के रूप में रखी जाती है। इकाई के 3 वर्ष सफल संचालन के बाद यह ऋण खाते में पूरी तरह समायोजित (Adjust) हो जाती है।
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