प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (PMAY-G)
English: Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin • स्रोत संस्था: ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार एवं ग्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेश
योजना सेतु एक स्वतंत्र निजी सूचना पोर्टल है। यह कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है और न ही किसी सरकारी विभाग का प्रतिनिधित्व करता है। योजना की पात्रता, लाभ और आवेदन की पुष्टि संबंधित आधिकारिक विभाग से करें।
योजना का संक्षिप्त विवरण एवं मुख्य लाभ
प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बेघर परिवारों तथा कच्चे व जीर्ण-शीर्ण मकानों में रहने वाले जरूरतमंद नागरिकों को पक्का मकान बनाने के लिए ₹1,20,000 की वित्तीय सहायता सीधे बैंक खाते में तीन किस्तों में (नींव, लिंटेल और छत स्तर पर) प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त मनरेगा (MGNREGA) के तहत 90 दिन की अकुशल मजदूरी (लगभग ₹20,000) तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 की अलग से सहायता दी जाती है।
आवेदन की स्थिति/अवधि: आवास प्लस सर्वेक्षण एवं वार्षिक लक्ष्य आवंटन अनुसार
पात्रता की शर्तें (Eligibility Conditions)
- न्यूनतम आयु: 18 वर्ष
- राज्य निवास: Uttar Pradesh का मूल निवासी
क्या आप इस योजना के लिए संभावित रूप से पात्र हैं?
केवल इस योजना से संबंधित 3-4 प्रश्नों के उत्तर दें और तुरंत पारदर्शी परिणाम प्राप्त करें।
- •जिन परिवारों के पास पहले से पक्का मकान, मोटर चालित चार पहिया वाहन या कृषि उपकरण (ट्रैक्टर) है, वे अपात्र हैं।
- •परिवार में कोई सरकारी नौकरी करने वाला या ₹15,000 से अधिक मासिक आय अर्जित करने वाला सदस्य होने पर लाभ नहीं मिलता।
आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)
आवेदन अथवा जन सेवा केंद्र जाने से पूर्व इन मूल दस्तावेज़ों की तैयारी रखें:
डीबीटी भुगतान और बायोमेट्रिक सत्यापन हेतु।
महिला मुखिया या संयुक्त खाते की पासबुक।
90 दिनों की मजदूरी भुगतान हेतु।
ग्राम सचिव या आवास सहायक द्वारा सत्यापित।
आवेदन कैसे करें (How to Apply)
ग्राम सभा की बैठक में भाग लें जहां SECC/आवास प्लस (Awaas+) सूची का वाचन और सत्यापन किया जाता है।
ग्राम पंचायत सचिव या ग्राम रोजगार सेवक से संपर्क कर अपना नाम आवास प्लस सर्वेक्षण सूची में दर्ज कराएं।
आवास सहायक द्वारा आपके कच्चे मकान का भौतिक निरीक्षण और 'AwaasApp' के माध्यम से जियो-टैगिंग (Geo-tagging) की जाती है।
खंड विकास अधिकारी (BDO) द्वारा स्वीकृति मिलने पर प्रथम किस्त (नींव स्तर) की राशि बैंक खाते में भेजी जाती है।
प्रत्येक निर्माण चरण का सत्यापन होने के बाद दूसरी व तीसरी किस्त डीबीटी के माध्यम से जारी होती है।
आवेदन स्थिति (Status) कैसे देखें
आधिकारिक PMAY-G पोर्टल (pmayg.nic.in) पर जाएं।
'Stakeholders' मेन्यू में जाकर 'IAY/PMAYG Beneficiary' पर क्लिक करें।
अपना पंजीकरण नंबर (Registration Number) दर्ज कर अपने मकान की स्वीकृति, किस्त भुगतान और जियो-टैग फोटो देखें।
आधिकारिक लिंक एवं हेल्पलाइन
सत्यापित सरकारी पोर्टल एवं विभागीय संपर्क विवरण
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1.PMAY-G के तहत कुल कितनी आर्थिक मदद मिलती है?
उत्तर प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में मकान निर्माण के लिए ₹1,20,000, शौचालय निर्माण हेतु ₹12,000 तथा 90 दिन की मनरेगा मजदूरी (लगभग ₹20,000) मिलाकर कुल ₹1.52 लाख से अधिक का लाभ मिलता है।
Q2.मकान की रजिस्ट्री किसके नाम पर होती है?
योजना के नियमानुसार मकान का स्वामित्व परिवार की महिला मुखिया के नाम पर या पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर अनिवार्य रूप से पंजीकृत किया जाता है।
Q3.मकान का न्यूनतम क्षेत्रफल कितना होना चाहिए?
PMAY-G के अंतर्गत बनने वाले पक्के मकान का न्यूनतम निर्मित क्षेत्रफल 25 वर्ग मीटर (रसोईघर सहित) होना अनिवार्य है।
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