जननी सुरक्षा योजना (JSY)
English: Janani Suraksha Yojana • स्रोत संस्था: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार एवं NHM उत्तर प्रदेश
योजना सेतु एक स्वतंत्र निजी सूचना पोर्टल है। यह कोई सरकारी वेबसाइट नहीं है और न ही किसी सरकारी विभाग का प्रतिनिधित्व करता है। योजना की पात्रता, लाभ और आवेदन की पुष्टि संबंधित आधिकारिक विभाग से करें।
योजना का संक्षिप्त विवरण एवं मुख्य लाभ
जननी सुरक्षा योजना (JSY) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत उत्तर प्रदेश की गर्भवती महिलाओं में संस्थागत प्रसव (सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल में डिलीवरी) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिला को सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने पर ₹1,400 तथा शहरी क्षेत्र में ₹1,000 की नकद वित्तीय सहायता सीधे बैंक खाते में (DBT द्वारा) दी जाती है। साथ ही प्रसव पूर्व जांच और अस्पताल लाने के लिए आशा कार्यकत्री को भी प्रोत्साहन राशि मिलती है।
आवेदन की स्थिति/अवधि: गर्भावस्था पंजीकरण से प्रसव के समय तक
पात्रता की शर्तें (Eligibility Conditions)
- न्यूनतम आयु: 19 वर्ष
- पात्र लिंग: केवल महिलाएं / बालिकाएं
- राज्य निवास: Uttar Pradesh का मूल निवासी
क्या आप इस योजना के लिए संभावित रूप से पात्र हैं?
केवल इस योजना से संबंधित 3-4 प्रश्नों के उत्तर दें और तुरंत पारदर्शी परिणाम प्राप्त करें।
- •घर पर प्रसव (Home Delivery) कराने वाली महिलाओं को संस्थागत प्रसव की यह नकद सहायता नहीं मिलती (केवल बीपीएल महिलाओं को कुछ विशेष मामलों में ₹500 का प्रावधान होता है)।
- •अमान्यता प्राप्त निजी क्लीनिक या बिना पंजीकरण के प्रसव कराने पर लाभ देय नहीं होता।
आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)
आवेदन अथवा जन सेवा केंद्र जाने से पूर्व इन मूल दस्तावेज़ों की तैयारी रखें:
गर्भावस्था पंजीकरण एवं एएनसी जांच का सरकारी रिकॉर्ड।
डीबीटी सत्यापन हेतु।
सरकारी अस्पताल या मान्यता प्राप्त अस्पताल द्वारा जारी।
आधार सीडेड बैंक खाता संख्या व IFSC कोड।
आवेदन कैसे करें (How to Apply)
गर्भावस्था की पुष्टि होते ही अपनी ग्राम/वार्ड की आशा (ASHA) बहू या एएनएम (ANM) से संपर्क कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर MCP कार्ड बनवाएं।
निर्धारित प्रसव पूर्व जांचें (ANC Checkups) और आवश्यक टिटनेस के टीके सरकारी अस्पताल से लगवाएं।
प्रसव पीड़ा होने पर निःशुल्क 102 या 108 एम्बुलेंस सेवा बुलाकर सरकारी अस्पताल (PHC/CHC/जिला महिला अस्पताल) में भर्ती हों।
प्रसव के बाद अस्पताल प्रशासन को अपना आधार कार्ड, MCP कार्ड और बैंक पासबुक की प्रतिलिपि जमा कराएं।
डिस्चार्ज होने पर या कुछ ही दिनों के भीतर सहायता राशि महिला के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर कर दी जाती है।
आवेदन स्थिति (Status) कैसे देखें
संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के लेखा अनुभाग में संपर्क करें।
पीएफएमएस (PFMS) पोर्टल पर अपना बैंक खाता संख्या दर्ज करके डीबीटी भुगतान की स्थिति ऑनलाइन भी जांच सकते हैं।
आधिकारिक लिंक एवं हेल्पलाइन
सत्यापित सरकारी पोर्टल एवं विभागीय संपर्क विवरण
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1.उत्तर प्रदेश में जननी सुरक्षा योजना के तहत कितनी नकद राशि मिलती है?
उत्तर प्रदेश एक 'कम प्रसार राज्य (LPS)' की श्रेणी में आता है, इसलिए ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को ₹1,400 तथा शहरी क्षेत्र की महिलाओं को ₹1,000 की नकद सहायता प्रदान की जाती है।
Q2.क्या प्रसव के दौरान अस्पताल में कोई खर्च देना होता है?
नहीं, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (JSSK) के तहत सरकारी अस्पताल में सामान्य डिलीवरी, सिजेरियन ऑपरेशन, दवाइयां, भोजन और रक्त की व्यवस्था 100% निःशुल्क होती है।
Q3.क्या प्रसव के बाद घर जाने के लिए मुफ्त एम्बुलेंस मिलती है?
हाँ, प्रसव के 48 घंटे बाद अस्पताल से छुट्टी मिलने पर जच्चा और बच्चा को 102 एम्बुलेंस सेवा द्वारा पूरी तरह निःशुल्क घर तक छोड़ा जाता है।
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